शिक्षा में वर्धन तथा विकास के अध्ययन का महत्व

शिक्षा में वर्धन तथा विकास के अध्ययन का महत्व:

आधुनिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बालक का चौमुखी विकास है। इस प्रकार से शिक्षक बालकों के वर्धन तथा विकास के अध्ययन में मददगार हो सकते हैं। चलिये नीचे कुछ बिन्दुओं की मदद से इसे समझते हैं:

    • इस अध्ययन के द्वारा शिक्षक बालकों में होने वाले शारीरिक विकास से अवगत होन्गे। इस जानकारी के आधार पर दिव्यान्ग बच्चों के समुचित शैक्षिक कार्यक्रम के निर्माण की योजना बनाया जा सकता है।
    • बच्चों के मानसिक विकास की जानकारी मिलती है। इस विकास के दौरान कौन-कौन से कारक प्रभावित करते हैं, मानसिक विकास की कौन-कौन सी अवस्थाएं हैं तथा उनकी विशेषताएँ क्या हैं। इन सारी जानकारी के सन्दर्भ में अलग अलग मानसिक स्तर वाले बच्चों को उन्ही के अनुसार शिक्षा व्यवस्था की योजना बनाया जा सकता है।
    • अगर शिक्षक बालकों के सम्वेगात्मक विकास की जानकारी रखते हैं तो वे संवेग को प्रभावित करने वाले कारक के बारे में भी जान सकते हैं। इसके बाद शिक्षक, शिक्षा तथा उनके समायोजन के लिए उचित शैक्षिक कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं।
    • संज्ञानात्मक विकास के अध्ययन से इनको प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में जानकारी मिलती है। ये कारक बाधक भी हो सकते हैं और सहायक भी।
    • छात्रों के समाजिक विकास की विभिन्न अवस्थाओं, इसको प्रभावित करने वाले कारकों तथा असमाजिक व्यवहारों के विकास के करणों को समझने में सुविधा होती है।
    • विभिन्न अवस्थाओं में उत्पन्न होने वाली अवश्यक्तओं तथा समस्याओं के बारे में जानकारी मिलती है।
    • विशिष्ट बालकों यथा प्रतिभाशाली बच्चे, मन्द बुद्धि के बालक तथा मानसिक दुर्बल बच्चों के लिये समुचित शिक्षा तथा समायोजन से सम्बंधित बनाने में सुविधा होती है।
  • सम्स्यात्मक बच्चों तथा अपराधी बच्चों की शिक्षा तथा उनके समायोजन को उन्नत बनाने में भी सहायता मिलती है।
  • नैतिक विकास में भी शिक्षकों को योगदान देने का अवसर मिलता है।
  • वैसे बच्चें जो लाभान्वित होने से वंचित होने रह जाते हैं उनकी शिक्षा तथा समायोजन के दृष्टिकोण से भी वर्धन तथा विकास का अध्ययन शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक है।

CTET QUIZ -161:

नीचे कुछ प्रश्न हैं जो TET पर अधारित हैं, आप चाहें तो टेस्ट दे सकते हैं। टेस्ट देने के बाद अपना रिजल्ट फेसबुक पर शेयर भी कर सकते हैं। आपके पास कोई सलाह या प्रश्न हो तो कमेंट बॉक्स में जरुर लिखें।

Origin Classes पर Pradeep Karn से जुड़ने के लिए धन्यवाद।

Question #1: किसके अनुसार वातावरण वह बाहरी शक्ती है, जो हमें प्रभावित करती है?

Question #2: शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपयुक्त आयु है-

Question #3: अभिवृद्धि और विकास है-

Question #4: बालक का विकास क्यों नही हो रहा है? इस प्रश्न के लिए उत्तरदायित्त्व तत्त्व है-

Question #5: किसी बच्चे की विकास की प्रक्रिया आरम्भ हो जाती है-

Question #6: किस काल को जीवन का अनोखा काल माना जाता है?

Question #7: अभिवृद्धि शब्द का प्रयोग किया जाता है-

Question #8: विकास की दिशा होती है-

Question #9: किसी बच्चे के ऊपर वंशानुक्रम से पड़ने वाला प्रभाव नहीं है-

Question #10: विकास के सम्बन्ध में कौन सा कथन गलत है?