न्यूट्रॉन स्टार

न्यूट्रॉन स्टार

न्यूट्रॉन स्टार
न्यूट्रॉन स्टार

न्यूट्रॉन स्टार– दोस्तों इस पोस्ट में हम “न्यूट्रॉन स्टार कैसे बनता है” के बारे में बात करेंगेऔर उनके कुछ महत्वपूर्ण तथ्य को जानेंगे. हमारे ब्रह्माण्ड में असंख्य तारे हैं जिन्हें गिना नहीं जा सकता क्योंकि हमारी पहुँच ब्रहमांड की तुलना में नगण्य है. हम जितना सोंचते हैं उनसे कहीं ज्याद रहस्यमय है ये ब्रह्माण्ड.

तारें क्या होते हैं

तारें एक खगोलीय पिंड है जो की मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस से बने होते हैं, लेकिन इनके चमकने का कारण ‘नाभिकीय संलयन’ (Nuclear Fusion) है. जब दो हल्के नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के नाभिक की रचना करते हैं तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं. नाभिकीय संलयन के फलस्वरूप जिस नाभिक का निर्माण होता है उसका द्रव्यमान संलयन में भाग लेने वाले दोनों नाभिकों के सम्मिलित द्रव्यमान से कम होता है. द्रव्यमान में यह कमी ऊर्जा में रूपान्तरित हो जाती है। जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन के समीकरण E = mc2 से ज्ञात करते हैं. तारों के अन्दर यह क्रिया निरन्तर जारी रहती है जिस वजह से तारों में विशाल मात्रा में ऊर्जा निकलती है.सबसे सरल संयोजन की प्रक्रिया है चार हाइड्रोजन परमाणुओं के संयोजन द्वारा एक हिलियम परमाणु का निर्माण.

By Wykis – अपना काम, based on w:File:D-t-fusion.png, Public Domain, https://commons.wikimedia.org/w/index.php?curid=2069575

न्यूट्रॉन स्टार क्या है

इन तारों का द्रव्यमान अलग-अलग होता है, और न्यूट्रॉन स्टार का बनना तारों के द्र्वय्मान पर ही निर्भर करता है. अगर कोई तारा जिसका द्रव्यमान हमारे सूरज के द्रव्यमान के बराबर या कम है तो नाभिकीय संलयन के समाप्त होने के पश्चात वो श्वेत वामन (White Dwarf) में बदल जायेगा लेकिन यदि ये तारा हमारे सूरज से करीब 4 गुणा से लेकर 8 गुणा बड़ा हो तो नाभिकीय संलयन के समाप्त होने के पश्चात न्यूट्रॉन में बदल जायेगा.

बनने की प्रक्रिया

चलिए इसके बनने की प्रक्रिया को समझते हैं.

हम जानते हैं की तारों में नाभिकीय संलयन होता है. अरबों वर्षों के बाद संलयन की प्रक्रिया समाप्त होने पर इसका बाहरी कवच फैलने लगता है तथा केंद्र अपने ही गुरुत्व बल के कारण सिकुड़ने लगता है और अंत में बाहरी कवच में बहुत ही विशाल विस्फोट होता है जिसे सुपरनोवा कहते हैं. सुपरनोवा की वजह से तारे का केंद्र इतना ज्यादा सिकुड़ जाता है की इसके सभी इलेक्ट्रान और प्रोटोन collapse होकर न्यूट्रॉन में बदल जाते हैं और अंत में पूरा तारा न्यूट्रॉन स्टार में बदल जाता है. इस तारे का व्यास मात्र लगभग 10 km के बराबर होता है, लेकिन इसका द्र्वय्मान हमारे पृथ्वी से भी ज्यादा होता है. इसमें रेडिएशन की प्रक्रिया भी चलती रहती है जिसे पल्सार कहते हैं.

Title: Pulsar anim.ogv
Author: Jm smits
Date: 

महत्वपूर्ण तथ्य:

एक चम्मच जितना न्यूट्रॉन स्टार का वजन, करीब हमारे पृथ्वी पर जितने लोग हैं, उनके वजन के बराबर होता है लगभग 4 बिलियन टन. और एक चीनी के दाने के आकार का न्यूट्रॉन स्टार का वजन करीब 1 बिलियन टन के बराबर होगा लगभग माउंट एवेरेस्ट के वजन के बराबर.

ये सभी तथ्य नासा के वेबसाइट पर वेरीफाई किया जा सकता है जिसका लिंक निचे दिया गया है.

https://www.nasa.gov/jpl/nustar/pia18842

https://www.nasa.gov/mission_pages/GLAST/science/neutron_stars.html

https://www.nasa.gov/topics/universe/features/whitedwarf_pulsar.html

 

क्या आपको पता है Marvel Movie का सुपर हीरो Thor का हथौड़ा न्यूट्रॉन स्टार से बना हुआ है!

जानकारी के लिए विडियो देखें-

इस पोस्ट में बस इतना ही, मिलते हैं अगले पोस्ट में मजेदार जानकारी लेकर, तब तक के लिए आज्ञा दीजिये.

आपको ये पोस्ट कैसा लगा हमे कमेंट के द्वारा जरुर बताइयेगा, धन्यवाद.

-Pradeep Karn

नोट: सभी तस्वीरें और विडियो कॉपीराइटेड हो सकते हैं. यहाँ इनका प्रयोग सिर्फ और सिर्फ जानकारी मुहैया कराने के लिए किया गया है..

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